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The Man, The Myth, The Master: Sachin Tendulkar at 53
Sachin Tendulkar turns 53—celebrating a legendary career that defined cricket excellence.
समतेचा संदेश, परिवर्तनाची वाट: आंबेडकर जयंतीचे प्रेरणादायी महत्त्व!
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर यांची जयंती हा केवळ स्मरणाचा औपचारिक दिवस नाही, तर तो नव्या विचारांची, नव्या उमेदीची आणि सामाजिक परिवर्तनाची दिशा देणारा महत्त्वपूर्ण क्षण आहे.
भोंदूबाबांचा कहर; अंधश्रद्धेच्या विळख्यात अडकलेला समाज!
भोंदूबाबांचा सुळसुळाट; अंधश्रद्धेच्या विळख्यात गुरफटलेला समाज, अशोक खरात प्रकरणाने उघड केले भीषण वास्तव
Strict Rules Ahead: Schools nust teach Marathi in Maharashtra
Maharashtra warns schools to teach Marathi or risk losing recognition. Education Minister Dada Bhuse announces stricter rules for institutions.
First Oil Tanker reaches Mumbai after crossing Strait of Hormuz
Oil tanker Shenlong Suezmax carrying Saudi crude reaches Mumbai after crossing the Strait of Hormuz, easing concerns over India’s oil supply.
लिविंग विल और पैसिव यूथेनेशिया: जानिए भारत में क्या हैं कानूनी प्रावधान
भारत में जीवन और मृत्यु से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर समय-समय पर बहस होती रही है। इन्हीं मुद्दों में से एक है पैसिव यूथेनेशिया (Passive Euthanasia)।
देश की बहादुर बेटियां: जिन्होंने दुश्मनों को सिखाया सबक
भारत की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी ताकत और साहस का परिचय दे रही हैं।
होलिका दहन: बुराई पर अच्छाई की जीत का जीवंत संदेश
होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय समाज की नैतिक चेतना का प्रतीक है।
From Discovery to Development: Nation honours C. V. Raman on National Science Day
National Science Day is being celebrated across India today
पुलवामा हमले की बरसी: 14 फरवरी की वह काली सुबह, जब देश ने खोए अपने 40 वीर सपूत
देश के इतिहास में 14 फरवरी एक दर्दनाक घटना के रूप में दर्ज है। वर्ष 2019 में इसी दिन पुलवामा जिले में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
2014 से 2025 तक के बजट: जानिए मोदी सरकार की बड़ी आर्थिक घोषणाएं
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2014 से 2025 के बीच पेश किए गए केंद्रीय बजटों में कर व्यवस्था, सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचा, एमएसएमई, एफडीआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर देखने को मिला।
राष्ट्रपति से उपमुख्यमंत्री तक...भारत में शीर्ष पदों पर महिलाओं की भागीदारी
आज़ादी के बाद से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। पंचायत से लेकर संसद और राज्यों की सत्ता तक महिलाओं ने अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
