भारत की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी ताकत और साहस का परिचय दे रही हैं। पहले जहां युद्ध और सुरक्षा जैसे क्षेत्र पुरुषों तक सीमित माने जाते थे, वहीं आज भारतीय महिलाएं सेना, वायुसेना, पुलिस और सुरक्षा बलों में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने साहस, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है और देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है। आइए जानते हैं भारत की कुछ ऐसी वीर बेटियों के बारे में, जिन्होंने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कैप्टन तानिया शेरगिल
कैप्टन तानिया शेरगिल भारतीय सेना की एक साहसी अधिकारी हैं। उन्होंने 2020 में गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचते हुए परेड का नेतृत्व किया था। यह पहली बार था जब किसी महिला अधिकारी ने गणतंत्र दिवस परेड में सेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक है।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों में शामिल हैं। उन्होंने मिग-21 बाइसन जैसे लड़ाकू विमान उड़ाकर इतिहास रचा। यह विमान बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अवनी चतुर्वेदी की यह उपलब्धि देश की बेटियों के साहस और क्षमता को दर्शाती है।
भावना कंठ
भावना कंठ भी भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों में से एक हैं। उन्होंने युद्धक विमान उड़ाने की कठिन ट्रेनिंग पूरी की और कई महत्वपूर्ण मिशनों में भाग लिया। उनकी सफलता ने यह साबित किया कि महिलाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम हैं।
शिवांगी सिंह
शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला पायलट हैं जिन्होंने राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान को उड़ाने की जिम्मेदारी संभाली। राफेल विमान भारतीय वायुसेना की ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिवांगी सिंह का यह मुकाम भारतीय महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
कर्नल सोफिया कुरैशी
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक बहादुर अधिकारी हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अपनी नेतृत्व क्षमता से देश का गौरव बढ़ाया। उनके कार्यों ने यह दिखाया कि भारतीय महिलाएं वैश्विक स्तर पर भी अपनी क्षमता साबित कर सकती हैं।
सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका
आज भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में महिलाएं बड़ी संख्या में काम कर रही हैं। वे सीमा पर तैनात होकर देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कई महिला जवान कठिन परिस्थितियों में भी ड्यूटी निभाकर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रही हैं।
बदलती सोच और बढ़ते अवसर
समय के साथ समाज की सोच भी बदल रही है। पहले जहां महिलाओं को सीमित भूमिकाओं में देखा जाता था, वहीं आज उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर मिल रहे हैं। सरकार ने भी सेना और सुरक्षा बलों में महिलाओं की भर्ती के नए रास्ते खोले हैं, जिससे उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

