काहिरा, मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, क्योंकि ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के फैसले को पलटते हुए दोबारा लागू कर दिया है।
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से पहले जैसी स्थिति में आ गया है और अब यह पूरी तरह सशस्त्र बलों की कड़ी निगरानी में है। साथ ही चेतावनी दी गई कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से आवाजाही भी प्रभावित रहेगी।
इस घटनाक्रम से पहले संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा था कि अमेरिका की ओर से लागू नाकेबंदी तब तक पूरी तरह प्रभावी रहेगी, जब तक ईरान किसी समझौते पर नहीं पहुंचता। इस संभावित समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी शामिल बताया जा रहा है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की पाबंदी का असर वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर सीधे पड़ता है।
क्या बढ़ेगा वैश्विक तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस फैसले से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

