नई दिल्ली: पाकिस्तान हॉकी में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान सरकार ने राष्ट्रीय टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर लगाया गया दो साल का प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस प्रतिबंध को पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) का “अवैध और असंवैधानिक” निर्णय बताया गया है।
क्या था पूरा मामला?
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टीम मैनेजमेंट और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बाद कप्तान बट ने खुलकर पाकिस्तान हॉकी महासंघ की आलोचना की थी। इसके जवाब में PHF के तत्कालीन अध्यक्ष तारिक बुगती ने उन पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हॉकी खेलने से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था।
बताया गया कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों को होटल के बजाय एयरबीएनबी आवास में ठहराया गया, जबकि पाकिस्तान खेल बोर्ड ने टीम के पांच सितारा होटल में रहने के लिए PHF को वित्तीय सहायता भी दी थी। इस कथित कुप्रबंधन को लेकर खिलाड़ियों में असंतोष बढ़ गया था।
सरकार ने लिया बड़ा फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तुरंत हस्तक्षेप किया। बुगती का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद उन्होंने मुहुयदीन अहमद वानी को PHF का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया।
नए अध्यक्ष वानी ने पद संभालते ही कप्तान बट पर लगाया गया प्रतिबंध रद्द कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह फैसला नियमों के खिलाफ लिया गया था और इससे पाकिस्तान हॉकी की छवि को नुकसान पहुंच सकता था।
खिलाड़ियों ने भी जताई थी नाराजगी
ऑस्ट्रेलिया से टीम की वापसी के बाद कप्तान बट और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे मौजूदा टीम मैनेजमेंट के साथ आगे काम करने को तैयार नहीं हैं। खिलाड़ियों का आरोप था कि उन्हें दौरे के दौरान समस्याओं पर चुप रहने के लिए दबाव डाला गया।
अब प्रतिबंध हटने के बाद उम्मीद की जा रही है कि टीम के भीतर चल रहा विवाद जल्द सुलझेगा और पाकिस्तान हॉकी प्रशासन व्यवस्थागत सुधार की दिशा में कदम उठाएगा।

