तेहरान: ईरान ने अमेरिका के साथ पाकिस्तान में प्रस्तावित सीजफायर वार्ता से पीछे हटने की चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि जब तक इजरायल लेबनान में अपने हमले बंद नहीं करता, तब तक वह किसी भी शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा। इस बीच ईरान ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को भी खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुका है।
पाकिस्तान पहुंचने की खबरों को बताया झूठा
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों फार्स और तस्नीम के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह दावा करना कि अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
सूत्र ने कहा, "जब तक लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होता, ईरान की अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में किसी भी वार्ता में शामिल होने की कोई योजना नहीं है।"
लेबनान में सीजफायर तक नहीं होगी कोई बातचीत
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका लेबनान में युद्धविराम सुनिश्चित नहीं करता और इजरायल अपने सैन्य अभियान नहीं रोकता, तब तक शांति वार्ता स्थगित रहेगी।
ईरान का कहना है कि लेबनान में जारी हिंसा और इजरायली हमलों के बीच किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है।
लेबनान में बढ़ा संघर्ष, 182 लोगों की मौत
बुधवार को लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में कम से कम 182 लोगों की मौत हो गई। इजरायल ने इन हमलों को ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई बताया है।
हिजबुल्लाह ने तेहरान के समर्थन में इस संघर्ष में भाग लिया था, जिसके बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
होरमुज जलडमरूमध्य बंद करने का दावा
इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि यह कदम इजरायल की सैन्य कार्रवाई के विरोध में उठाया गया है।
IRGC ने यह भी बताया कि अमेरिका को दिए गए अपने 10 सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव में लेबनान में युद्ध समाप्त करने की शर्त शामिल है।
समझौते पर विवाद बरकरार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्ध खत्म करना सीजफायर समझौते का हिस्सा है। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज किया है।
हिजबुल्लाह कमांडर के करीबी की मौत
इजरायल ने दावा किया है कि उसने गुरुवार को अली यूसुफ हर्षी को मार गिराया है, जो हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के करीबी सहयोगी थे। हालांकि, इस पर हिजबुल्लाह की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

