नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ चल रहे घरेलू हिंसा और मेंटेनेंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने शमी को नोटिस जारी कर उनकी पत्नी Hasin Jahan की याचिका पर जवाब मांगा है।
हसीन जहां ने अपनी याचिका में मांग की है कि घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता (मेंटेनेंस) से जुड़ा मामला पश्चिम बंगाल से दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने कोर्ट से कहा है कि उनकी बेटियों की शिक्षा और परिवार के करीब रहने की आवश्यकता को देखते हुए केस को दिल्ली स्थानांतरित करना उचित होगा।
मेंटेनेंस राशि बढ़ाने की भी मांग
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी से उस याचिका पर भी जवाब मांगा था, जिसमें हसीन जहां ने अपने और अपनी बेटी के लिए मासिक गुजारा भत्ता 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की है।
हसीन जहां का कहना है कि वर्तमान में मिल रही राशि उनकी और बेटी की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। वहीं, मोहम्मद शमी की ओर से अभी तक इस नई याचिका पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा मामला?
मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच पिछले कुछ वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा है। घरेलू हिंसा और आर्थिक सहायता से जुड़े इस मामले ने पहले भी सुर्खियां बटोरी थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

