मुंबई : महाराष्ट्र में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर सियासी गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। संजय राउत ने शनिवार को स्पष्ट संकेत दिया कि यदि शरद पवार राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हैं, तो विपक्षी गठबंधन को इस मुद्दे पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करना होगा।
अप्रैल में खत्म हो रहा कई नेताओं का कार्यकाल
अप्रैल 2026 में राज्यसभा से महाराष्ट्र के सात सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। इनमें शरद पवार के अलावा प्रियंका चतुर्वेदी, फौजिया खान, रामदास आठवले, भगवत कराड, रजनी पाटिल और धैर्यशील पाटिल का नाम भी शामिल है।
वर्तमान विधानसभा समीकरणों को देखते हुए MVA के पास राज्यसभा में केवल एक उम्मीदवार को जिताने की स्थिति बनती दिख रही है। यही कारण है कि गठबंधन के भीतर सीट को लेकर दावेदारी और रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
शिवसेना (UBT) ने जताया सीट पर दावा
इस बीच, आदित्य ठाकरे ने राज्य विधानसभा में पार्टी की संख्या का हवाला देते हुए संभावित जीत वाली सीट पर शिवसेना (UBT) का दावा पेश किया है। उनका कहना है कि आंकड़ों के आधार पर यह सीट उनकी पार्टी के खाते में जानी चाहिए, हालांकि अंतिम निर्णय गठबंधन स्तर पर बातचीत के बाद ही होगा।
संजय राउत ने क्या कहा?
नासिक जिले के मालेगांव में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शरद पवार खुद चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि पवार अपनी उम्मीदवारी को लेकर औपचारिक इच्छा व्यक्त करते हैं, तो MVA को इस पर गंभीरता से चर्चा करनी होगी।
राउत ने यह भी स्पष्ट किया कि शिवसेना (UBT) जिस भी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, पार्टी उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।
प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा मौका देने पर भी चर्चा
आदित्य ठाकरे द्वारा राकांपा के दोनों गुटों के संभावित एकीकरण की स्थिति में जटिलताओं से बचने के लिए प्रियंका चतुर्वेदी को एक और कार्यकाल देने के सुझाव पर राउत ने कहा कि यह एक राजनीतिक दृष्टिकोण है और महाराष्ट्र के नेताओं को इस पर विचार करना चाहिए।

