ठाणे: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने राज्य में टीपू सुल्तान के नाम पर सार्वजनिक स्थलों के नामकरण का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र में किसी भी चौराहे या सार्वजनिक स्थान का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखना “अस्वीकार्य” है और ऐसी पहल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह बयान उस समय सामने आया जब महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज और 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान को “समकक्ष” बताया था, जिसके बाद भाजपा सहित कई संगठनों ने आपत्ति जताई।
बढ़ते विवाद के बीच सपकाल ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बातों को राजनीतिक उद्देश्य से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
राणे का कड़ा रुख
ठाणे के मीरा-भयंदर और अन्य शहरों में टीपू सुल्तान के नाम पर बने चौराहों के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर राणे ने कहा कि जहां भी ऐसे नाम मौजूद हैं, उन्हें हटाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इस तरह के नामकरण का विरोध किया जाएगा और संबंधित प्रशासन से इस विषय में चर्चा की जाएगी।राणे ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे को व्यक्तिगत रूप से नगर आयुक्त के समक्ष उठाएंगे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे।
कोंकण भवन को लेकर भी घोषणा
ठाणे में आयोजित मालवानी महोत्सव के दौरान राणे ने कोंकण क्षेत्र के लोगों के लिए एक विशेष भवन बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि मुंबई में प्रस्तावित ‘कोंकण भवन’ की तर्ज पर ठाणे में भी अगले पांच वर्षों के भीतर एक ‘कोंकण भवन’ का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुंबई की महापौर रितु तावड़े को पत्र लिखकर राज्य की राजधानी में कोंकण भवन निर्माण की मांग भी की गई है।

