नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस पहली सूची में पार्टी ने 144 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं और कई बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा है।
बीजेपी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को दो सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर—से उम्मीदवार बनाया है। भवानीपुर सीट से उनका मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से होने की संभावना है, जिससे यह सीट चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है।
https://twitter.com/ANI/status/2033505792863965285
कई प्रमुख नेताओं को मिला टिकट
बीजेपी ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सीटों पर अपने प्रमुख चेहरों को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने शंकर घोष को सिलीगुड़ी से, अशोक डिंडा को मोयना से, अग्निमित्रा पॉल को आसनसोल दक्षिण से, दिलीप घोष को खड़गपुर सदर से और स्वपन दासगुप्ता को रासबेहारी से चुनावी मैदान में उतारा है।
पार्टी का मानना है कि इन अनुभवी नेताओं और मजबूत उम्मीदवारों के जरिए संगठन को और मजबूती मिलेगी तथा विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। बीजेपी ने यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही बाकी सीटों के लिए उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जारी की जाएगी।
दो चरणों में होंगे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
भारत के चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों का बहुमत हासिल करना होगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार:
* पहले चरण की अधिसूचना: 30 मार्च
* दूसरे चरण की अधिसूचना: 2 अप्रैल
* पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अप्रैल
* दूसरे चरण के नामांकन की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल
* नामांकन पत्रों की जांच: 7 अप्रैल और 10 अप्रैल
* नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल और 13 अप्रैल
कब होगी वोटिंग और मतगणना
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
इस बार भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और भी गर्म होने वाली है।

