लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ में हिस्सा लिया। यह पदयात्रा उनके आधिकारिक आवास से उत्तर प्रदेश विधानसभा तक निकाली गई। इसका उद्देश्य लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में जनभावनाओं को व्यक्त करना था।
महिला आरक्षण मुद्दे पर विरोध
यह प्रदर्शन महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित संशोधन विधेयक के समर्थन में आयोजित किया गया था, जो लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। इस विधेयक का विरोध कई प्रमुख विपक्षी दलों—भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने किया।ने किया।
बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
पदयात्रा में राज्य के कई कैबिनेट मंत्री, Bharatiya Janata Party (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में महिला समर्थक शामिल हुए। इस दौरान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप दिया।
मुख्यमंत्री का बयान
पदयात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह आंदोलन महिलाओं के नेतृत्व में निकाला जा रहा है और इसका उद्देश्य विपक्षी दलों के “महिला विरोधी रवैये” के खिलाफ आवाज उठाना है।
उन्होंने कहा,“आज आम जनता, विशेषकर महिलाओं में आक्रोश है। हजारों महिलाएं इस विरोध मार्च का हिस्सा बनने के लिए यहां आई हैं।”
राजनीतिक माहौल गर्म
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। जहां बीजेपी इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक में कई खामियां हैं।

