द केरल स्टोरी 2 के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने फिल्म की रिलीज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सत्य कभी पराजित नहीं होता।” फिल्म 28 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
फिल्म की रिलीज से पहले इसे धार्मिक रूपांतरण के चित्रण को लेकर विवादों का सामना करना पड़ा था। कई दर्शकों और संगठनों ने आरोप लगाया कि फिल्म में घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। हालांकि, शुक्रवार को केरल हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटा दी, जिसके बाद फिल्म को थिएटर्स में रिलीज कर दिया गया।
निर्देशक का बयान: “सत्य परेशान हो सकता है, पर पराजित नहीं”
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कामाख्या नारायण सिंह ने कहा, “सत्य परेशान होता है, पर कभी पराजित नहीं होता। कोर्ट के जजमेंट के बाद यह बात साबित हो गई है। यह कहानी हमारे लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक इमोशन है।”
उन्होंने आगे कहा कि देश के लोगों को यह जानना जरूरी है कि किस तरह “साजिश के तहत हमारी बेटियों को फंसाया जा रहा है और उन्हें पीड़ित बनाया जा रहा है।” निर्देशक के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है।
स्क्रीनिंग रद्द होने और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर क्या बोले?
फिल्म की केरल में एक स्क्रीनिंग रद्द होने पर भी निर्देशक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है और दर्शकों से अपील की कि वे फिल्म देखें और खुद निर्णय लें। उनका मानना है कि यह फिल्म ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए ताकि जागरूकता बढ़े।
निर्माता विपुल शाह ने कहा – “हम केरल के खिलाफ नहीं”
फिल्म के सह-लेखक और निर्माता Vipul Amrutlal Shah ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि फिल्म या उनकी टीम का उद्देश्य केरल राज्य को बदनाम करना नहीं है। उन्होंने कहा,“न हमारी फिल्म, न मैं और न ही हमारी टीम के सदस्य केरल के खिलाफ हैं। केरल ‘गॉड्स ओन कंट्री’ है, एक खूबसूरत राज्य है। लेकिन अगर वहां कुछ गलत हो रहा है, तो उसे लोगों के सामने लाना जरूरी है। फिल्म देखने के बाद दर्शक खुद समझ जाएंगे कि हमने केरल या वहां के लोगों के खिलाफ कुछ भी नकारात्मक नहीं कहा है।” फिल्म का निर्माण विपुल शाह के प्रोडक्शन हाउस Sunshine Pictures के बैनर तले किया गया है।
विवाद और फिल्म की पृष्ठभूमि
द केरल स्टोरी 2 को धार्मिक रूपांतरण के मुद्दे पर घिरे विवादों के बीच रिलीज किया गया है। फिल्म के कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे जागरूकता फैलाने वाली फिल्म बता रहे हैं, तो कुछ इसे एकतरफा प्रस्तुति करार दे रहे हैं।
हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद अब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है।

