मुंबई: शहर के मुलुंड इलाके में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन मेट्रो लाइन-4 के पुल का एक स्लैब अचानक नीचे गुजर रहे वाहनों पर आ गिरा। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख व्यक्त किया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मृतक के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा घायलों के उपचार का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है।
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कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एलबीएस रोड पर जॉनसन एंड जॉनसन फैक्टरी के पास मेट्रो पुल के गर्डर की पैरापेट दीवार का हिस्सा टूटकर एक ऑटो-रिक्शा और एक कार पर गिर गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
मृतक और घायलों की स्थिति
दमकल विभाग ने मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में की है। घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव (45), महेंद्र प्रताप यादव (52) और दीपा रुहिया (40) शामिल हैं।अधिकारियों के मुताबिक राजकुमार की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य दो घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
राहत और जांच कार्य
मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब 12:15 बजे ‘पियर-196’ के पास यह घटना हुई। मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण ने कहा कि बृह्नमुंबई महानगर पालिका और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ मिलकर राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए। हादसे के कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है।
मेट्रो लाइन-4 का महत्व
वडाला से ठाणे को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-4 का बड़ा हिस्सा एलबीएस रोड के ऊपर से गुजरता है, जो घाटकोपर, विक्रोली, भांडुप और मुलुंड जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ता है। इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक के कारण सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने पूछा कि क्या जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी या सिर्फ औपचारिक जुर्माना लगाकर मामला निपटा दिया जाएगा।
वहीं कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जल्दबाजी में नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने जवाबदेही तय करने और निर्माण स्थलों पर कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की।

