मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के बाद महाराष्ट्र की सियासत में एक अहम हलचल देखने को मिली। राज ठाकरे ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास ‘नंदनवन’ में मुलाकात की। बीएमसी चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक थी।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
शिंदे गुट की शिवसेना के एक पदाधिकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान राज्य और मुंबई से जुड़े विभिन्न राजनीतिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर बातचीत हुई। हालांकि, बातचीत का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
मनसे की नाराजगी के बीच मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कुछ नेताओं ने बीएमसी चुनाव में अपेक्षित सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई थी। मनसे नेताओं का कहना था कि उन्हें चुनावी समन्वय में पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘नंदनवन’ पहुंचकर शिंदे से मुलाकात की, जिससे राजनीतिक गलियारों में संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बीएमसी चुनाव में बदला सियासी गणित
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय से बीएमसी पर काबिज ठाकरे परिवार के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना का लगभग तीन दशक पुराना वर्चस्व इस बार समाप्त हो गया।
चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बीएमसी की सत्ता पर कब्जा जमाया, जिससे मुंबई की राजनीति में नई दिशा और नए समीकरण उभरते नजर आ रहे हैं।
दो दशक बाद एक मंच पर आए थे राज और उद्धव
बीएमसी चुनाव के दौरान राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे करीब 20 साल बाद एक ही मंच पर दिखाई दिए थे। हालांकि, चुनाव परिणाम उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहे और दोनों दलों को राजनीतिक झटका लगा।
राजनीतिक संकेत क्या हैं?
राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे की यह मुलाकात भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संभावित सहयोग के संकेत के रूप में देखी जा रही है। बीएमसी में सत्ता परिवर्तन के बाद मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।

