भोपाल: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह समझौता स्वतंत्र रूप से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर मंजूर किया गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस के ‘किसान महाचौपाल’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह व्यापारिक करार देश के किसानों, कपड़ा उद्योग और डेटा सुरक्षा के हितों के खिलाफ है।
“किसानों के हितों के साथ समझौता”
अपने संबोधन में कांग्रेस नेता ने कहा कि यह समझौता भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उनका आरोप है कि इस करार के चलते अमेरिका से कपास आयात पर शुल्क कम या शून्य हो सकता है, जिससे घरेलू कपास उत्पादकों और टेक्सटाइल उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
राहुल गांधी के मुताबिक, भारत स्वयं कपास उत्पादन में सक्षम है, ऐसे में बाहरी आयात को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ स्थानीय उद्योगों को कमजोर कर सकती हैं।
डेटा सुरक्षा पर भी जताई चिंता
राहुल गांधी ने 21वीं सदी में डेटा को सबसे महत्वपूर्ण संसाधन बताते हुए कहा कि किसी भी व्यापार समझौते में डिजिटल संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। उनका आरोप है कि इस करार में भारत के डेटा हितों के साथ भी समझौता किया गया है, जिससे भविष्य में रणनीतिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
अदाणी मामले का भी किया जिक्र
अपने भाषण में उन्होंने उद्योगपति Gautam Adani के खिलाफ अमेरिका में चल रहे कानूनी मामलों का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी ने दावा किया कि इन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत की नीतिगत निर्णय प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
समझौता रद्द करने की दी चुनौती
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार को इस समझौते पर भरोसा है, तो उसे सार्वजनिक रूप से सभी शर्तों को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसानों और उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए इस करार की समीक्षा की जानी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी साधा निशाना
कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के कृषि हितों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

