इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तालिबान से जुड़े ठिकानों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए काबुल और नंगरहार प्रांत में देर रात हवाई हमले किए। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में तालिबान के कई सैन्य अड्डों और आतंकी ढांचों को निशाना बनाकर नष्ट किया गया।
सरकार के मुताबिक यह कार्रवाई 26 फरवरी से जारी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान के खिलाफ गतिविधियों में शामिल आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करना है।
मंत्रालय ने बताया कि 16 मार्च की रात किए गए इन हमलों में अफगान तालिबान और फितना अल-ख्वारिज से जुड़े ठिकानों को सटीक तरीके से टारगेट किया गया। जिन स्थानों पर हमला किया गया वहां तकनीकी उपकरणों के भंडार, गोला-बारूद डिपो और अन्य सैन्य सुविधाएं मौजूद थीं, जिनका उपयोग पाकिस्तान के नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए किया जा रहा था।
पाकिस्तान सरकार ने तालिबान के उस आरोप को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इन हमलों में नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय का कहना है कि पूरी कार्रवाई बेहद सावधानी और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, ताकि किसी भी प्रकार का नागरिक नुकसान न हो।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में पाकिस्तानी सेना ने तालिबान के कम से कम चार सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में वहां मौजूद रसद सामग्री, हथियारों का जखीरा और तकनीकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।
सूत्रों ने यह भी बताया कि काबुल और नंगरहार में स्थित ड्रोन वर्कशॉप—जहां से ड्रोन संचालन किया जाता था—को भी नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा हथियारों के कई भंडारों को भी तबाह कर दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक काबुल और नंगरहार में कुल छह ठिकानों को निशाना बनाया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई में कई आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है, हालांकि आधिकारिक तौर पर संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।

