नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी कतारों और अफवाहों के चलते हो रही घबराहट पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर लोग इसी तरह बिना जरूरत ईंधन भरवाने के लिए भीड़ लगाते रहे, तो सरकार को कुछ दिनों के लिए पेट्रोल पंप बंद करने का फैसला लेना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जम्मू और कश्मीर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों के आधार पर पेट्रोल पंपों के बाहर “डेरा” न डालें और सामान्य तरीके से ही ईंधन का उपयोग करें।
उन्होंने कहा, “मेरी सभी से विनम्र अपील है कि बेवजह लाइन में लगना बंद करें, अन्यथा मुझे कुछ दिनों के लिए सभी पेट्रोल पंप बंद करने का कदम उठाना पड़ेगा।”
उमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि हाल ही में हुई सरकारी समीक्षा में ईंधन और गैस की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि हुई है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि जब सरकार जानकारी देती है, तब लोग उस पर भरोसा नहीं करते, लेकिन अफवाहों पर तुरंत विश्वास कर लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंधन के उपयोग पर किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से दूर रहें।
इस बीच, उन्होंने बताया कि वह शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
प्रशासन ने भी नागरिकों से सामान्य खपत बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अगर लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदते हैं, तो इससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है, जबकि वास्तविकता में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

