तेंतुलिया (पश्चिम बंगाल), ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि असम विधानसभा चुनाव में जीत को लेकर आश्वस्त न होने के कारण बीजेपी ने बाहरी लोगों को राज्य में लाया।
उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि असम के मतदाताओं पर भरोसा न होने के चलते भारतीय जनता पार्टी ने अन्य राज्यों से लोगों को बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश से करीब 50,000 लोगों को ट्रेन के जरिए असम भेजा गया।
एजेंसियों की निष्पक्षता पर भी उठाए सवाल
बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की कोई भी एजेंसी अब निष्पक्ष नहीं रही है। उनके अनुसार, बीजेपी ने सभी संस्थाओं को अपने प्रभाव में ले लिया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर भी जताई चिंता
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में भी बाहरी लोगों को लाने की कोशिश कर रही है, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए गए।
मतदाता सूची को लेकर बड़ा दावा
ममता बनर्जी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान राज्य में करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उनके अनुसार, इनमें 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम मतदाता शामिल हैं।
उन्होंने असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी 19 लाख लोगों के नाम हटाए गए थे, जिनमें बड़ी संख्या हिंदुओं की थी।
जनता से किया सीधा अपील
टीएमसी प्रमुख ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे उन्हें राज्य की सभी 294 सीटों का उम्मीदवार मानें। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता का समर्थन उन्हें फिर से सत्ता में लाएगा।
खानपान और प्रवासी मजदूरों पर भी टिप्पणी
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो लोगों की खानपान की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि बीजेपी शासित राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता।
उन्होंने नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अन्य राज्यों में बंगाल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, उसके बाद ही “सोनार बांग्ला” की बात करनी चाहिए।

