नई दिल्ली: इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank Officers' Association) (IOBOA) ने बैंक प्रबंधन की कथित सख्त निगरानी नीतियों और कार्यस्थल से जुड़े नए नियमों के खिलाफ 2 मार्च 2026 को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस प्रस्तावित हड़ताल को All India Bank Officers' Confederation (AIBOC) का भी समर्थन प्राप्त है।
हड़ताल क्यों कर रहे हैं IOB अधिकारी?
अधिकारियों का आरोप है कि बैंक की मौजूदा कार्यप्रणाली में हाल के दिनों में कई ऐसे बदलाव लागू किए गए हैं, जिनसे कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन और पेशेवर स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संघ के अनुसार:
* अधिकारियों को निर्धारित समय के बाद भी जबरन कार्यालय में रुकने के निर्देश दिए जा रहे हैं
* एकतरफा End-of-Day (EOD) नियम लागू किए गए हैं
* सिस्टम क्लोजर तक शाखा में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है
* इन नियमों के चलते कर्मचारियों के मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने की बात कही गई है।
अधिकारियों की प्रमुख मांगें
IOB अधिकारी संघ ने बैंक प्रबंधन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
* मानवीय कार्य-घंटों की पुनर्बहाली
* विवादित HR नीतियों को वापस लेना
* कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
* पर्याप्त स्टाफ की भर्ती
* छुट्टी स्वीकृति में मनमानी पर रोक
* दंडात्मक प्रावधानों की वापसी
संघ का कहना है कि इन मुद्दों को कई बार उठाने के बावजूद प्रबंधन की ओर से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम
देशव्यापी हड़ताल से पहले अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा भी तैयार की है:
* 23 फरवरी 2026: क्षेत्रीय केंद्रों पर प्रदर्शन
* 26 फरवरी 2026: धरना कार्यक्रम
* 2 मार्च 2026: अखिल भारतीय बैंक हड़ताल
बैंकिंग सेवाओं पर क्या पड़ेगा असर?
2 मार्च को प्रस्तावित इस हड़ताल के चलते देशभर में Indian Overseas Bank की शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ग्राहकों को नकद लेनदेन, क्लियरिंग और अन्य शाखा-स्तरीय सेवाओं में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

