नई दिल्ली: दिल्ली सरकार डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही अपने विभागों, विश्वविद्यालयों, स्थानीय निकायों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लिए अलग-अलग eOffice प्लेटफॉर्म शुरू करेगी। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक तेज, सुरक्षित और पूरी तरह पेपरलेस बनाना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, eOffice एक डिजिटल वर्कप्लेस सिस्टम है जिसे नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा विकसित किया गया है। इसका उपयोग सरकारी दफ्तरों में इलेक्ट्रॉनिक फाइल मैनेजमेंट, दस्तावेजों के आदान-प्रदान और ऑफिस वर्कफ्लो को डिजिटल बनाने के लिए किया जाता है।
अभी सभी विभाग एक ही eOffice सिस्टम का कर रहे उपयोग
फिलहाल दिल्ली सरकार के सभी विभाग एक ही eOffice प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन सिस्टम पर बढ़ते लोड और डेटा सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए अब इसे तीन अलग-अलग स्वतंत्र प्लेटफॉर्म्स में विभाजित किया जाएगा।
एक अधिकारी ने बताया कि इससे सिस्टम की परफॉर्मेंस बेहतर होगी, डेटा सुरक्षा मजबूत होगी और यूजर्स को अधिक स्थिर डिजिटल वातावरण मिलेगा।
तीन अलग-अलग पोर्टल्स में होगा सिस्टम का विभाजन
दिल्ली सरकार का आईटी विभाग इस महीने के अंत तक दो नए eOffice प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा:
* विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए अलग पोर्टल
* PSUs, ऑटोनॉमस बॉडीज और लोकल बॉडीज के लिए अलग पोर्टल
* जबकि सरकारी विभागों के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्म को अलग रूप में जारी रखा जाएगा।
डेटा माइग्रेशन और सिस्टम अपग्रेड का काम जारी
आईटी विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक, वर्तमान eOffice सिस्टम को तीन हिस्सों में बांटने और सभी मौजूदा डेटा को नए प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया जारी है। यह तकनीकी बदलाव सिस्टम की भीड़भाड़ कम करने और डिजिटल कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
कुछ समय के लिए बंद रहेंगी eOffice सेवाएं
सिस्टम अपग्रेड के चलते eOffice सेवाएं कुछ समय के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। सरकार ने सभी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों को सलाह दी है कि वे 10 अप्रैल शाम 6 बजे तक अपने जरूरी फाइल वर्क और आधिकारिक कार्य पूरे कर लें।
सेवाएं दोबारा कब शुरू होंगी?
* सरकारी विभागों का eOffice पोर्टल: 13 अप्रैल से शुरू
* PSU/लोकल बॉडी प्लेटफॉर्म: 15 अप्रैल से लाइव
* शैक्षणिक संस्थानों का प्लेटफॉर्म: 17 अप्रैल से शुरू
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली सरकार का यह फैसला प्रशासनिक कामकाज को तेज, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इससे सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती मिलेगी।

