नागपुर, भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान अब केवल देश तक सीमित नहीं रही है। महाराष्ट्र के नागपुर में होली का उत्सव अब अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इटली में योग और मेडिटेशन सेंटर के संस्थापक माही गुरुजी के अनुसार, यूरोप में होली और भारतीय संस्कृति को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
माही गुरुजी ने बताया कि इटली में जब होली और भारतीय परंपराओं की बात होती है, तो लोगों में एक अलग ही तरह का आकर्षण देखने को मिलता है। यही कारण है कि यूरोप के कई लोग 2 से 3 महीने पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं, ताकि वे नागपुर आकर पारंपरिक तरीके से होली मना सकें।
‘अतिथि देवो भव’ से प्रभावित विदेशी मेहमान
माही गुरुजी का कहना है कि महाराष्ट्र की संस्कृति में रचा-बसा “अतिथि देवो भव” का भाव विदेशी मेहमानों को बेहद आकर्षित करता है। यहां उन्हें सुरक्षा, अपनापन और पारिवारिक वातावरण का अनुभव होता है। उनके मुताबिक, नागपुर में होली मनाने का अर्थ केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को करीब से समझना भी है।
वे पिछले 19 वर्षों से विशेष रूप से होली मनाने के लिए नागपुर आ रहे हैं। इस दौरान चीन, मिलान, रोम और यूरोप के कई अन्य शहरों से लोग नागपुर पहुंचते हैं और भारतीय परंपरा के अनुसार होली का उत्सव मनाते हैं।
यूरोप में बढ़ रहा है होली का क्रेज
माही गुरुजी के अनुसार, यूरोप में होली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक परंपराओं से प्रभावित होकर भारत आना चाहते हैं। नागपुर में होली मनाना उनके लिए एक सांस्कृतिक अनुभव बन चुका है।
भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव
नागपुर में होली का यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन भारतीय संस्कृति के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का उदाहरण है। योग, ध्यान और पारंपरिक त्योहारों के माध्यम से भारत की पहचान विश्व पटल पर और मजबूत हो रही है।

