नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव संबंधी कानूनी प्रावधानों के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए सात अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर गंभीर कदाचार, ड्यूटी में लापरवाही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, निलंबित किए गए सभी अधिकारी सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के रूप में कार्यरत थे। ये अधिकारी मतदाता सूची के अद्यतन और चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चुनाव संबंधी कार्यों में बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) और उनके सहायक आमतौर पर राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जिन्हें निर्वाचन कार्यों के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया जाता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुचिता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित विभागों के माध्यम से निलंबित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।
गौरतलब है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच पहले से ही तनातनी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यह कार्रवाई प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाते।

