नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव सामने आया है। श्रवण कुमार को जनता दल (United) (जेडीयू) विधायक दल का नया नेता चुना गया है। इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि विधानसभा की ओर से जारी अधिसूचना के जरिए की गई।
यह फैसला उस बैठक के एक दिन बाद आया, जिसमें पार्टी के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार को विधायक दल के नेता के चयन का अधिकार सौंप दिया था।
कौन हैं श्रवण कुमार?
श्रवण कुमार बिहार की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे नालंदा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और 2025 के चुनाव में लगातार आठवीं बार विधायक चुने गए हैं।
उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि और गृह जिला, दोनों ही नीतीश कुमार से मेल खाते हैं, जिससे उन्हें पार्टी में एक मजबूत और भरोसेमंद नेता माना जाता है।
डिप्टी सीएम की रेस में थे, लेकिन नहीं मिली जिम्मेदारी
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि श्रवण कुमार को उपमुख्यमंत्री पद मिल सकता है, लेकिन अंततः पार्टी ने यह जिम्मेदारी विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को सौंपी।
इसके अलावा, निशांत कुमार के किसी पद को लेने से इनकार करने के बाद यह अटकलें तेज हो गई थीं कि श्रवण कुमार को बड़ा मौका मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
फैसला नीतीश कुमार पर छोड़ा गया
सोमवार को हुई जेडीयू विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने एक स्वर में नीतीश कुमार को नेता चुनने का अधिकार दिया था।
बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने जानकारी दी कि नीतीश कुमार ने भरोसा दिलाया है कि वे बिहार के विकास कार्यों पर लगातार नजर रखेंगे।
विकास कार्यों को जारी रखने पर जोर
नीतीश कुमार ने बैठक में कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू किए गए विकास कार्य आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसद सत्र के दौरान ही वे दिल्ली में रहेंगे, बाकी समय बिहार में रहकर काम की समीक्षा करेंगे।

