अमरावती, आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक अहम मोड़ आया है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने द्रौपदी मुर्मू का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही अमरावती को आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश की राजधानी घोषित कर दिया गया है।
राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह अधिनियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है, जिससे अमरावती को राजधानी का कानूनी दर्जा मिल गया है।
मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि यह निर्णय राज्य के लोगों के लंबे समय से देखे जा रहे सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी विशेष रूप से धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस विधेयक को समर्थन और मार्गदर्शन दिया।
नायडू ने कहा कि यह जीत केवल सरकार की नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश के नागरिकों, खासकर अमरावती के किसानों की है, जिन्होंने राजधानी के निर्माण के लिए लगातार योगदान दिया।
इसी बीच, राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 6 अप्रैल का दिन राज्य के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद में विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नायडू का आभार जताया और इसे आंध्र प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

