मुंबई, महाराष्ट्र में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा और दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात से जुड़े एक मंदिर को राज्य सरकार द्वारा 2018 में 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की गई थी। यह जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों से सामने आई है।
यह फंड क्षेत्रीय पर्यटन विकास योजना के तहत 31 मार्च 2018 को मंजूर किया गया था। उस समय पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग का नेतृत्व भाजपा नेता जयकुमार रावल के पास था।
क्या है मामला?
अशोक खरात को 18 मार्च को 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक कथित रूप से बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है।
खरात नासिक जिले के सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर देवस्थान मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख था और लंबे समय से कई राजनीतिक नेताओं का उससे संपर्क बताया जाता है।
मंदिर को मिला था बड़ा फंड
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, मंदिर परिसर में लगभग ₹1.05 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी। इन कार्यों में शामिल थे:
* सभा हॉल का निर्माण
* रास्तों का पक्कीकरण
* पुरुष और महिला शौचालय
* कपड़े बदलने के कमरे
* पार्किंग सुविधा
* श्रद्धालुओं के लिए आवास
* उद्यान और बिजली व्यवस्था
इसमें से ₹25 लाख की पहली किस्त वित्त वर्ष 2017-18 में जारी की गई थी।
व्यापक योजना का हिस्सा
यह फंडिंग राज्य के 58 धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए स्वीकृत कुल ₹112 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा थी। उसी वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी, नगरपालिकाओं और जिला परिषदों को करीब ₹17 करोड़ जारी किए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के लिए फंड आवंटन एक नियमित प्रक्रिया है और जब यह मंजूरी दी गई थी, तब अशोक खरात के खिलाफ कोई आरोप दर्ज नहीं थे।
SIT कर रही जांच
इस मामले की जांच आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सतपुते के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। जांच में अब तक खरात के खिलाफ छह आपराधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें एक गर्भवती महिला से जुड़ा मामला भी शामिल है।

