वॉशिंगटन, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संभावित युद्धविराम (Ceasefire) बातचीत को बड़ा झटका लगा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों ने इस संवेदनशील डील को पटरी से उतार दिया।
क्या था पूरा मामला?
पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच दो महीने से जारी तनाव को खत्म करने के लिए बैकचैनल बातचीत चल रही थी। इन वार्ताओं में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था और दोनों देशों के अधिकारी समझौते के करीब पहुंच रहे थे।
लेकिन इसी दौरान ट्रम्प ने अचानक सोशल मीडिया और मीडिया से बातचीत में डील के संभावित शर्तों का खुलासा कर दिया, जो अभी पूरी तरह तय भी नहीं हुई थीं।
समय से पहले खुलासे ने बिगाड़ा खेल
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने कई अहम शर्तों को मान लिया है, जिनमें अपने समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को सौंपने जैसी संवेदनशील बात भी शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को तुरंत खारिज कर दिया और साफ किया कि ऐसी किसी शर्त पर सहमति नहीं बनी है। इसके बाद बातचीत का माहौल अचानक बिगड़ गया।
ईरान की नाराजगी और बातचीत ठप
ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई और कहा कि वे इस तरह की “पब्लिक नेगोशिएशन” को स्वीकार नहीं करते।
रिपोर्ट के अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास और बढ़ गया।
परिणामस्वरूप:
• प्रस्तावित दूसरा दौर (इस्लामाबाद में) रद्द हो गया
• ईरान ने वार्ता से दूरी बना ली
• युद्धविराम की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा
अमेरिकी प्रशासन में भी चिंता
अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंता जताई गई है। कई अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयान बेहद संवेदनशील कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आगे क्या?
• 14 दिन का सीजफायर डेडलाइन 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है
• अमेरिका ने अपने उपराष्ट्रपति JD Vance को पाकिस्तान भेजने की बात कही है
• लेकिन मौजूदा हालात में बातचीत फिर से शुरू होगी या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है

