तेल अवीव: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा और जहां भी जरूरत होगी वहां हमले किए जाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान में इजरायली सेना ने कई बड़े हवाई हमले किए हैं, जिनमें हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के करीबी सहयोगी और भतीजे के मारे जाने की खबर है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा, "हमारा संदेश साफ है कि जो भी इजरायली नागरिकों के खिलाफ काम करेगा, हम उसे निशाना बनाएंगे।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सैन्य अभियान का उद्देश्य उत्तरी इजरायल में सुरक्षा बहाल करना और वहां से विस्थापित लोगों को उनके घरों तक वापस पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होता, तब तक अभियान जारी रहेगा।
इस बीच, इजरायल के लगातार हमलों से लेबनान में लागू युद्धविराम पर खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि वह इस सप्ताह इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता से हट सकता है।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने युद्धविराम समझौते की तीन प्रमुख शर्तों का उल्लंघन किया है। इनमें लेबनान में युद्धविराम तोड़ना, ईरानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करना और ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को नकारना शामिल है।
हालांकि नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ युद्धविराम किसी अस्थायी समझौते का हिस्सा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि हालिया हमलों में इजरायल ने हिज्बुल्लाह को बड़ा नुकसान पहुंचाया है और केवल 10 मिनट में 100 ठिकानों पर हमला किया गया।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।

