मुंबई: स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। कामरा ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने समिति से किसी भी तरह की सुनवाई स्थगित करने की मांग नहीं की थी, बल्कि पांच फरवरी को होने वाली सुनवाई समिति द्वारा स्वयं टाल दी गई थी।
कुणाल कामरा और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) की नेता सुषमा अंधारे को शिंदे के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान के सिलसिले में समिति के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया गया था।
समिति ने खुद टाली सुनवाई: कामरा
कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने सुनवाई टालने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें 23 जनवरी को समन जारी किया गया था, जो 29 जनवरी को प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने 30 जनवरी को अपने वकील के माध्यम से ई-मेल भेजकर पांच फरवरी को पेश होने की सहमति दे दी थी।
कामरा के मुताबिक, वह सुनवाई के लिए मुंबई भी पहुंचे थे, लेकिन उसी दिन शाम को विधानसभा भवन के एक अधिकारी ने उन्हें फोन कर बताया कि समिति की कार्यवाही स्थगित की जा रही है। बाद में उन्हें लिखित रूप में भी इसकी पुष्टि मिली।
अगली तारीख की आधिकारिक सूचना नहीं
कॉमेडियन ने कहा कि उन्हें अगली सुनवाई की तारीख के बारे में समिति की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है, हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में 17 फरवरी की तारीख सामने आ रही है। उन्होंने दोहराया कि वह जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।
गोपनीय कार्यवाही पर उठाए सवाल
कामरा ने यह भी आरोप लगाया कि समिति द्वारा भेजे गए नोटिस और पत्रों में कार्यवाही को “गोपनीय” बताया गया है, इसके बावजूद ये दस्तावेज मीडिया तक पहुंच गए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि समिति के अध्यक्ष मीडिया को कार्यवाही से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं, जो निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
मामला क्या है?
भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने कुणाल कामरा और सुषमा अंधारे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। आरोप है कि कामरा ने पिछले साल एक पैरोडी गीत के जरिए बिना नाम लिए एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया था। अंधारे ने सार्वजनिक रूप से कामरा का समर्थन किया था।गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे फिलहाल भाजपा-नीत महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं और शिवसेना (शिंदे गुट) इसी गठबंधन का हिस्सा है।

