कोलकाता: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) से संक्रमित एक नर्स की मौत हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि नर्स की मृत्यु कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकने) के कारण हुई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है और संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मृतक नर्स हाल ही में निपाह वायरस से संक्रमित पाई गई थी। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा था। उपचार के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण से उबरने की प्रक्रिया के बीच उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग का बयान
पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि मरीज को सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं दी जा रही थीं। संक्रमण के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई थी, जिससे जटिलताएं बढ़ीं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है।
निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक घातक जूनोटिक वायरस है, जो आमतौर पर चमगादड़ों और संक्रमित जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है।
प्रमुख लक्षण:
* तेज बुखार
* सिरदर्द
* सांस लेने में तकलीफ
* उल्टी और कमजोरी
* दिमागी सूजन (एन्सेफलाइटिस)
* गंभीर मामलों में कोमा
विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस की मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है और इसका कोई निश्चित टीका अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
* संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
* अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
* स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
* संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।
जनता के लिए सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराएं।

