नई दिल्ली, शनिवार को देशभर में लाखों मोबाइल फोन पर अचानक तेज़ आवाज़ के साथ “Extremely Severe Alert” का नोटिफिकेशन दिखाई दिया, जिससे कई लोग घबरा गए। हालांकि, यह कोई वास्तविक आपदा चेतावनी नहीं थी, बल्कि सरकार द्वारा किए जा रहे एक महत्वपूर्ण परीक्षण (टेस्ट) का हिस्सा था।
क्या था यह अलर्ट?
भारत सरकार के Department of Telecommunications (DoT) ने Ministry of Home Affairs (MHA) और National Disaster Management Authority (NDMA) के साथ मिलकर एक उन्नत पब्लिक इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया।
इस सिस्टम का उद्देश्य है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति में नागरिकों तक तुरंत और सटीक जानकारी पहुंचाई जा सके।
क्यों बजा फोन?
यह अलर्ट एक Cell Broadcast System (CBS) टेस्ट का हिस्सा था, जो एक स्वदेशी (indigenous) तकनीक पर आधारित है। इसके जरिए:
• किसी विशेष क्षेत्र (geo-targeted) में तुरंत अलर्ट भेजे जा सकते हैं
• इंटरनेट या SMS नेटवर्क पर निर्भरता कम होती है
• बड़े पैमाने पर लोगों तक एक साथ सूचना पहुंचाई जा सकती है
किस भाषा में मिला अलर्ट?
इस परीक्षण के दौरान नागरिकों को अंग्रेज़ी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में संदेश प्राप्त हुआ। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके फोन की सेटिंग्स में कौन-सी भाषा सक्षम है।
क्या करना था नागरिकों को?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
• यह केवल एक टेस्ट मैसेज था
• किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है
• इस पर कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी
DoT के अनुसार, “टेस्टिंग के दौरान यह संदेश बार-बार आ सकता है। इसे नजरअंदाज करें।”
पहले से दी गई थी जानकारी
NDMA द्वारा पहले ही SMS के जरिए लोगों को सूचित किया गया था कि 2 मई को इस तरह का परीक्षण किया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह सिस्टम?
भारत जैसे बड़े और विविधतापूर्ण देश में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए यह सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण है। इसके फायदे हैं:
• समय रहते चेतावनी
• जान-माल के नुकसान को कम करना
• दूर-दराज़ इलाकों तक तुरंत सूचना पहुंचाना
https://x.com/i/status/2049519308464947229
https://x.com/i/status/2050191323840524515



