नई दिल्ली, भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार ने जानकारी दी है कि इस ट्रेन का प्रोटोटाइप अगले एक साल के भीतर परीक्षण के लिए तैयार हो सकता है।
आरवीएनएल के 21वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के नेतृत्व में बन रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कंपनी की सबसे अहम परियोजनाओं में शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रोटोटाइप तैयार होने के बाद परीक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जून 2026 की डेडलाइन पर संशय
हालांकि पहले RVNL के चेयरमैन और एमडी सलीम अहमद ने संकेत दिया था कि यह प्रोटोटाइप जून 2026 तक पेश किया जा सकता है, लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि इस समयसीमा में देरी संभव है। प्रोजेक्ट पर तेजी से काम जारी है, लेकिन परीक्षण में अगले साल तक का समय लग सकता है।
120 ट्रेनों की सप्लाई का लक्ष्य
प्रोटोटाइप सफल होने के बाद कंपनी को कुल 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की आपूर्ति करनी होगी। यह कदम भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले ही हो चुका है पहला संचालन
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को कामाख्या और हावड़ा के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
अभी बाकी है आधिकारिक घोषणा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के व्यापक संचालन को लेकर अभी तक रेल मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर यात्रियों और रेलवे विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता लगातार बनी हुई है।

