ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे और मुलुंड के बीच प्रस्तावित नए रेलवे स्टेशन का नाम दिवंगत शिवसेना नेता धर्मवीर आनंद दिघे के नाम पर रखने की मांग उठी है। शिवसेना के ठाणे सांसद नरेश म्हस्के ने संसद में यह मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से स्टेशन का नाम ‘धर्मवीर आनंद दिघे स्टेशन’ रखने का आग्रह किया।
सांसद कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए रेलवे स्टेशन के निर्माण के लिए करीब 250 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से जुड़ा प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।सांसद म्हस्के ने संसद में कहा कि ठाणे और मुलुंड के बीच बनने वाला यह नया स्टेशन यात्रियों के लिए काफी राहत लेकर आएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्टेशन का नाम शिवसेना के दिवंगत वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शक रहे आनंद दिघे के सम्मान में रखा जाना चाहिए।
ठाणे स्टेशन पर भीड़ कम करने में मिलेगी मदद
म्हस्के ने बताया कि ठाणे शहर की आबादी लगभग 26 लाख के करीब है और यहां के अधिकांश लोग रोजमर्रा की यात्रा के लिए रेलवे पर निर्भर हैं। ऐसे में नए स्टेशन के निर्माण से ठाणे रेलवे स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को कम करने में काफी मदद मिलेगी।
ठाणे स्टेशन के उन्नयन की भी मांग
सांसद ने केंद्र सरकार से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ठाणे रेलवे स्टेशन के व्यापक विकास के लिए प्रस्तावित 949 करोड़ रुपये की परियोजना को जल्द मंजूरी देने की भी मांग की।इसके अलावा उन्होंने ठाणे स्टेशन पर बंद पड़े आपातकालीन चिकित्सा क्लिनिक को फिर से शुरू करने और कोविड-19 के दौरान बंद की गई वरिष्ठ नागरिकों की रेलवे रियायतों को बहाल करने की मांग भी संसद में उठाई।रेलवे से जुड़ी इन मांगों को लेकर स्थानीय यात्रियों और नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

