चेन्नई, तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। अभिनेता से नेता बने विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभार दिया है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, यह परिणाम राज्य की पारंपरिक राजनीति—द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK)—के लंबे वर्चस्व को चुनौती देता दिख रहा है।
क्या कहते हैं शुरुआती रुझान?
मतगणना जारी है, लेकिन शुरुआती आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
• TVK: 108 सीटों पर बढ़त
• DMK: 52 सीटों पर आगे
• AIADMK: 73 सीटों पर बढ़त
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में TVK फिलहाल सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है, लेकिन बहुमत से थोड़ी दूर है।
शहरी इलाकों में विजय की आंधी
TVK ने खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है:
• चेन्नई की 37 में से 31 सीटों पर बढ़त
• 65 में से 49 शहरी सीटों पर कब्जे की ओर
• दक्षिण तमिलनाडु में 58 में से 27 सीटों पर बढ़त
यह बढ़त मुख्य रूप से DMK के पारंपरिक शहरी वोट बैंक में सेंध का संकेत देती है।
ग्रामीण इलाकों में AIADMK की पकड़, लेकिन TVK की एंट्री
ग्रामीण क्षेत्रों में AIADMK अब भी मजबूत दिख रही है:
• 116 ग्रामीण सीटों में से 49 पर बढ़त
हालांकि, TVK ने यहां भी 33 सीटों पर बढ़त बनाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
बड़े नेताओं की स्थिति
• विजय: पेरंबूर और तिरुची ईस्ट दोनों सीटों पर आगे
• एम के स्टालिन: कोलाथुर सीट पर पीछे
• तमिलिसाई सुंदरराजन: मायलापुर में पिछड़ रहीं
• नैनार नागेंद्रन: सत्तूर में पीछे
इन रुझानों से साफ है कि TVK की लहर ने कई दिग्गज नेताओं को भी झटका दिया है।
जश्न बनाम सन्नाटा
जहां DMK मुख्यालय में मायूसी का माहौल है, वहीं विजय के आवास पर जश्न का माहौल देखने को मिला। परिवार और समर्थकों ने जीत की संभावनाओं को लेकर खुशी जताई। सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है क्योंकि बड़ी संख्या में समर्थक जुट रहे हैं।
क्या बनेगी सरकार?
TVK का दावा है कि वह बिना गठबंधन के सरकार बना सकती है। पार्टी नेताओं के मुताबिक:
“यह साइलेंट विजय वेव थी। जनता बदलाव चाहती थी और दोनों बड़ी पार्टियों से नाराज़ थी।”
हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि बहुमत से कुछ सीटें कम रहने पर गठबंधन की जरूरत पड़ सकती है।
राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत
यह चुनाव सिर्फ जीत-हार का मामला नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। युवा मतदाताओं का समर्थन, एंटी-इनकंबेंसी और जमीनी स्तर पर मजबूत अभियान ने विजय को एक गंभीर राजनीतिक खिलाड़ी बना दिया है।



