नई दिल्ली: टी20 विश्व कप में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब जिम्बाब्वे ने पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। कोलंबो में खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने संतुलित बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को चारों खाने चित कर दिया।
बेनेट की शानदार पारी से मजबूत आधार
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे टीम ने 20 ओवर में दो विकेट खोकर 169 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने 56 गेंदों पर नाबाद 64 रन बनाए, जिसमें सात चौके शामिल थे।
उनके साथ विकेटकीपर तादिवानाशे मारुमानी ने 35 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके अलावा रयान बर्ल (35) और कप्तान सिकंदर रजा (25* रन, 13 गेंद) ने अंत में तेजी दिखाते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
पहले विकेट के लिए 61 रन की साझेदारी ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। पावर प्ले में बिना विकेट गंवाए 47 रन बनाना जिम्बाब्वे के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत बनी हार की वजह
170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पावर प्ले के अंदर ही टीम ने 38 रन पर चार विकेट गंवा दिए।
तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 17 रन देकर चार विकेट झटके और मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए। वहीं ब्रैड इवांस ने 23 रन देकर तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से केवल मैट रेनशॉ ने संघर्ष किया। उन्होंने 44 गेंदों पर 65 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। ग्लेन मैक्सवेल (31 रन) ने उनका साथ देने की कोशिश की, लेकिन साझेदारी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मुकाबला कई मायनों में निराशाजनक रहा। ट्रैविस हेड, कैमरन ग्रीन और टिम डेविड जैसे बल्लेबाज प्रभाव नहीं छोड़ सके। टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई।
आखिरी चार विकेट महज 12 गेंदों के भीतर गिरना ऑस्ट्रेलिया की हार की कहानी बयां करता है।
गेंदबाजी में कमी आई नजर
अनुभवी गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया का तेज आक्रमण फीका दिखा। स्पिनर एडम जांपा ने चार ओवर में 31 रन दिए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
अंक तालिका पर असर
इस जीत के साथ जिम्बाब्वे लगातार दूसरी सफलता हासिल कर चार अंकों के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार आगे की राह मुश्किल बना सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिम्बाब्वे ने 2007 टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। एक बार फिर इतिहास दोहराते हुए जिम्बाब्वे ने साबित कर दिया कि वह बड़े टूर्नामेंट में किसी भी टीम को चौंका सकता है।

