मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद ने अमोल मिटकरी के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। परिषद ने अकोला के एक युवक को पांच दिन के कारावास की सजा देने की सिफारिश वाले प्रस्ताव को लागू करने का निर्देश दिया है।
यह मामला एक यूट्यूब चैनल पर झूठी खबर प्रसारित किए जाने से जुड़ा है। आरोपी युवक अंकुश गावंडे को बुधवार को सदन के सामने पेश होकर माफी मांगने के लिए कहा गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद राम शिंदे ने स्पष्ट कहा कि सदन के आदेश की अवहेलना के कारण सजा की सिफारिश को लागू किया जाना चाहिए।
इस मामले में ‘सत्य लढा’ यूट्यूब चैनल से जुड़े पत्रकार—गणेश सोनावणे, हर्षदा सोनावणे और अमोल नंदुरकर—ने सदन में माफी मांग ली। इसके चलते परिषद ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
इससे पहले, मंगलवार को पारित प्रस्ताव में यह साफ किया गया था कि माफी न मांगने की स्थिति में पांच दिन की जेल की सजा दी जाएगी।
एक अन्य मामले में भी कार्रवाई
विधान परिषद ने सूर्यकांत मोरे द्वारा किए गए आपत्तिजनक बयान पर उनकी माफी स्वीकार कर ली। मोरे ने सभापति राम शिंदे और अन्य सदस्यों के खिलाफ टिप्पणी की थी। हालांकि, उनके खिलाफ सात दिन की जेल की सिफारिश पहले ही की गई थी।
कुणाल कामरा मामले में भी अपडेट
इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी से जुड़े मामले में हास्य कलाकार कुणाल कामरा और सुषमा अंधारे के खिलाफ चल रही जांच की समयसीमा बढ़ा दी गई है। विशेषाधिकार समिति को अब अगली विधानसभा सत्र के अंतिम दिन तक रिपोर्ट पेश करनी होगी।
यह मामला फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी को लेकर एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां विधानसभा ने सख्त रुख अपनाते हुए अनुशासन और जवाबदेही पर जोर दिया है।



