वाशिंगटन: वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना सोमवार से “प्रोजेक्ट फ्रीडम” के तहत इस मिशन की शुरुआत करेगी।
क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?
ट्रंप के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य उन अंतरराष्ट्रीय जहाजों की मदद करना है जो पश्चिम एशिया में जारी तनाव से सीधे तौर पर जुड़े नहीं हैं, लेकिन हालात के कारण फंस गए हैं। इन जहाजों में कई दिनों से भोजन, पानी और आवश्यक संसाधनों की कमी बताई जा रही है।
ईरान को सख्त चेतावनी
अमेरिका ने ईरान को साफ संदेश दिया है कि इस मानवीय मिशन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यदि बाधा डाली गई, तो अमेरिका “कड़ी कार्रवाई” करेगा।
अमेरिकी सेना की बड़ी तैनाती
US Central Command (CENTCOM) के अनुसार, इस ऑपरेशन में शामिल होंगे:
• निर्देशित मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत
• 100+ एयरक्राफ्ट (समुद्र और जमीन आधारित)
• करीब 15,000 सैन्यकर्मी
सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि यह मिशन न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद जरूरी है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।
• वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 25% इसी रास्ते से गुजरता है
• ईंधन और उर्वरक की बड़ी खेप भी यहीं से जाती है
यह मार्ग 28 फरवरी से बंद है, जब अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान के साथ संघर्ष तेज हो गया था।
युद्ध खत्म करने की कोशिशें जारी
इस बीच, अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म Axios के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। अमेरिका ने हाल ही में युद्ध समाप्त करने के लिए एक संशोधित प्रस्ताव भी भेजा है, जिससे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा कि यह मिशन पूरी तरह मानवीय है और इसका उद्देश्य उन देशों, कंपनियों और लोगों को राहत देना है जो इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं।



