नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस फैसले के बाद राघव चड्ढा ने पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “मुझे खामोश किया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।”
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर ‘आम आदमी’ से संवाद किया और कई सवाल उठाए।
क्या बोले राघव चड्ढा?
अपने वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने कहा:
“क्या जनता के मुद्दे उठाना गुनाह है? क्या मैंने कोई गलती की है? जब भी मैं बोलता हूं, मैं सिर्फ आम लोगों की समस्याओं की बात करता हूं। फिर मुझे बोलने से क्यों रोका जा रहा है?”
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पहले की तरह उनका साथ दें। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा:
“मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए। मैं अभी शांत नदी हूं, लेकिन बाढ़ बनना भी जानता हूं।”
AAP ने लिया बड़ा फैसला
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाकर उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल को नियुक्त किया है। पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक सूचना दे दी है।
इसके अलावा, AAP ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का समय न दिया जाए।
क्या हैं अंदरूनी मतभेद?
राघव चड्ढा की इस कार्रवाई के पीछे पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को वजह माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने पार्टी की लाइन से अलग हटकर कई मुद्दों पर आवाज उठाई थी, जिनमें शामिल हैं:
- पेड पितृत्व अवकाश (Paid Paternity Leave)
- एयरपोर्ट पर महंगे खाद्य पदार्थ
- गिग वर्कर्स के अधिकार
- महानगरों में ट्रैफिक समस्या
- मासिक धर्म स्वच्छता और पब्लिक हेल्थ
इन मुद्दों पर उनका फोकस पार्टी के भीतर असहमति का कारण बन सकता है।
https://x.com/i/status/2039923569988419809

