मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की बात कही थी। हालांकि, इसी के साथ संजय राउत ने संघ और केंद्र सरकार पर तीखा हमला भी बोला है।
संजय राउत ने कहा कि “अगर सावरकर के योगदान को स्वीकार किया जा रहा है, तो उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए”, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा हालात में देश के आम नागरिकों के लिए ‘अच्छे दिन’ सिर्फ नारे बनकर रह गए हैं।
US-BTA फ्रेमवर्क पर RSS और सरकार पर निशाना
संजय राउत ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (US-BTA Framework) को लेकर भी संघ और भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि जो संगठन खुद को राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा संरक्षक बताता है, वह विदेशी ताकतों के साथ किए जा रहे आर्थिक समझौतों पर चुप क्यों है।
उनका कहना था कि देश की अर्थव्यवस्था, किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं पर इन समझौतों का क्या असर पड़ेगा, इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। राउत ने आरोप लगाया कि राष्ट्रवाद की बात करने वाले लोग असल मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
“अच्छे दिन सिर्फ प्रचार तक सीमित”
संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के बीच आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार और संघ प्रतीकों और पुरस्कारों की राजनीति में उलझे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “देश को सिर्फ भाषण नहीं, ठोस नीतियां चाहिए। अच्छे दिन आज भी आम आदमी से दूर हैं।”



