मुंबई: मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के पूर्व मुंबई जोनल निदेशक समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाई कोर्ट में स्पष्ट कहा है कि उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान से उनके बेटे आर्यन खान को ड्रग्स केस में राहत देने के लिए कभी कोई रिश्वत नहीं मांगी और न ही स्वीकार की।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को हुई सुनवाई में वानखेड़े की ओर से वकील आबाद पोंडा ने अदालत में दलील पेश की। यह याचिका मई 2023 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए दाखिल की गई है, जिसमें वानखेड़े पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
CBI के अनुसार, वानखेड़े और अन्य आरोपियों ने आर्यन खान को ड्रग्स मामले में क्लीन चिट देने के लिए कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, बचाव पक्ष का कहना है कि इस आरोप को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।
कोर्ट में क्या कहा गया?
वानखेड़े के वकील ने कोर्ट को बताया कि:
* किसी भी स्तर पर रिश्वत की मांग या लेन-देन नहीं हुआ
* कॉर्डेलिया क्रूज पर कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई
* आर्यन खान समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी वैध आधार पर हुई
* इस मामले की सुनवाई अब मंगलवार को भी जारी रहेगी।
ड्रग्स केस की टाइमलाइन
* 2 अक्टूबर 2021: कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी, आर्यन खान गिरफ्तार
* 2021: एक ‘स्वतंत्र गवाह’ ने 25 करोड़ की रिश्वत मांग का दावा किया
* बाद में: NCB ने 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, लेकिन आर्यन खान को क्लीन चिट दी
2023: CBI ने वानखेड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज की
* ED कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया
किन धाराओं में मामला दर्ज?
CBI ने वानखेड़े और अन्य आरोपियों पर निम्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
* IPC धारा 120-बी (आपराधिक साजिश)
* IPC धारा 388 (जबरन वसूली की धमकी)
* भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान



