नई दिल्ली: अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (SP) ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए राजनीतिक रणनीतिकार फर्म Indian Political Action Committee (I-PAC) के साथ अपना समझौता खत्म कर दिया है। यह निर्णय हालिया चुनावी घटनाक्रम और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद लिया गया माना जा रहा है।
समझौता क्यों टूटा?
इस साल की शुरुआत में SP और I-PAC के बीच चुनाव प्रबंधन और सोशल मीडिया रणनीति को लेकर करार हुआ था। हालांकि, अब पार्टी ने इस साझेदारी को समाप्त कर दिया है। पार्टी के अभियान से जुड़े अन्य कार्य ‘Show Time’ नाम की दूसरी एजेंसी संभालती रहेगी।
करीबी मुकाबले वाली सीटों पर काम कर रही थी I-PAC
सूत्रों के अनुसार, I-PAC मुख्य रूप से उन सीटों पर फोकस कर रही थी जहां पिछली बार SP बहुत कम अंतर से हार गई थी। टीम के कई सदस्य राज्य से बाहर रहकर काम कर रहे थे, जिससे जमीनी पकड़ को लेकर भी सवाल उठे।
ED की कार्रवाई से बढ़ी मुश्किलें
इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण Enforcement Directorate (ED) की कार्रवाई भी मानी जा रही है। हाल ही में ED ने I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को कथित वित्तीय अनियमितताओं और बंगाल कोयला घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था।
इस कार्रवाई के बाद फर्म की विश्वसनीयता और संचालन क्षमता पर सवाल उठने लगे।
बंगाल चुनाव नतीजों का असर?
सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों ने भी सपा के फैसले को प्रभावित किया।
ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खराब प्रदर्शन और उनकी अपनी सीट से हार ने I-PAC की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए।
ऑपरेशन में आई गिरावट
ED की छापेमारी के बाद I-PAC ने पश्चिम बंगाल में अपने कई ऑपरेशन सीमित कर दिए थे। कई दफ्तर बंद या सीमित स्टाफ के साथ चल रहे थे, जिससे चुनावी तैयारियों पर असर पड़ा।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान TMC और I-PAC के बीच संबंध भी बिगड़ गए।



