मुंबई: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के कपास, सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
पायलट के अनुसार, यह समझौता दबाव में किया गया है और इसे अंतिम रूप देने से पहले किसानों या उनके संगठनों से कोई व्यापक चर्चा नहीं की गई। उनका कहना है कि इस डील के बाद बड़ी मात्रा में विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में प्रवेश करेंगे, जिससे स्थानीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि विदेशी उत्पादों की बढ़ती आमद से उनकी आय और बाजार हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।
छोटे किसानों पर पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर
कांग्रेस नेता ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे आंकड़े सामने आएंगे जो यह दिखाएंगे कि करोड़ों और अरबों रुपये के कृषि उत्पाद भारत में आयात किए जाएंगे। इससे घरेलू कृषि उत्पादों की मांग घट सकती है और किसानों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
किरेन रिजिजू के बयान पर भी जताई आपत्ति
इस बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर भी सचिन पायलट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे निंदनीय और अशोभनीय बताते हुए कहा कि मंत्री को अपना बयान वापस लेना चाहिए।



