नई दिल्ली: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 14 और 15 मई को भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस दौरान वह BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। यह जानकारी रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको ने दी।
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, यह बैठक उन प्रमुख दस्तावेजों और एजेंडा की रूपरेखा तय करेगी, जिन्हें भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में पेश किया जाएगा।
भारत के साथ द्विपक्षीय बैठक भी संभावित
रिपोर्ट के मुताबिक, BRICS कार्यक्रमों के अलावा सर्गेई लावरोव भारत की अलग से आधिकारिक यात्रा भी करेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से होने की संभावना है।
2026 में भारत के पास BRICS की अध्यक्षता
भारत इस साल BRICS समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इस संगठन की स्थापना 2006 में हुई थी, जबकि 2011 में दक्षिण अफ्रीका इसके साथ जुड़ा। बाद में 2024 में मिस्र, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इथियोपिया भी इसमें शामिल हुए। 2025 में इंडोनेशिया ने भी सदस्यता ग्रहण की।
भारत-रूस संबंधों को नई मजबूती
हाल ही में सर्गेई लावरोव ने भारत-रूस संबंधों को “समय की कसौटी पर खरा उतरा” बताते हुए इसे आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित साझेदारी बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2026 में रूस का दौरा करेंगे।
व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर जोर
लावरोव के अनुसार, 2025 में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 60 अरब डॉलर तक पहुंच गया। दोनों देशों ने 2030 तक इसे 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देश लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। खासतौर पर इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्दर्न सी रूट जैसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग 96 प्रतिशत व्यापार राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है।



