नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और टी20 फॉर्मेट में अपनी फिनिशिंग के लिए पहचाने जाने वाले रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वे लंबे समय से चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से क्रिकेट जगत और रिंकू के प्रशंसकों में गहरा शोक व्याप्त है।
चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से थे पीड़ित
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, खानचंद्र सिंह को एडवांस स्टेज (स्टेज-4) लिवर कैंसर था। पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। उन्हें ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल (ओमेगा-1) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। इलाज के दौरान उन्हें मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था और उनकी किडनी रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) भी चल रही थी। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मैच छोड़कर पिता के पास लौटे थे रिंकू सिंह
यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई जब रिंकू सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त थे। पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलते ही उन्होंने टीम की जिम्मेदारियों से ऊपर परिवार को प्राथमिकता दी और तुरंत घर लौट आए। इसी कारण वे जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले का हिस्सा नहीं बन पाए थे।
टीम मैनेजमेंट ने भी उनकी पारिवारिक परिस्थिति को समझते हुए पूरा समर्थन दिया था।
कोच ने दी थी जानकारी
हाल ही में टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकू की अनुपस्थिति को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि रिंकू अपने पिता की खराब सेहत के कारण घर गए हैं और स्थिति सामान्य होने पर टीम से जुड़ सकते हैं।
हालांकि, अब पिता के निधन के बाद उनके आगामी मैचों में खेलने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में अभी तक Board of Control for Cricket in India (BCCI) की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
संघर्षों से भरी रही पारिवारिक यात्रा
रिंकू सिंह के क्रिकेट करियर में उनके पिता का अहम योगदान रहा है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले खानचंद्र सिंह ने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने बेटे के सपनों को पूरा करने में हर संभव सहयोग दिया। एक मेहनतकश पिता के रूप में उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी रिंकू का हौसला बढ़ाया।
आज उनके निधन से रिंकू ने अपना सबसे बड़ा संबल खो दिया है। क्रिकेट जगत, साथी खिलाड़ी और प्रशंसक इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

