नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Isfahan (ईरान) में मंगलवार को हुए जोरदार धमाकों ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्फोट कथित तौर पर अमेरिकी एयर स्ट्राइक का नतीजा हो सकते हैं, जिसमें ईरान के संवेदनशील न्यूक्लियर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
न्यूक्लियर साइट पर हमले का दावा
अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान इस्फ़हान स्थित एक महत्वपूर्ण न्यूक्लियर सुविधा और गोला-बारूद डिपो को टारगेट किया गया। हालांकि इस हमले की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बम का इस्तेमाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में लगभग 2,000 पाउंड (करीब 907 किलोग्राम) वजन वाले बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया। ये अत्याधुनिक पेनिट्रेटर म्यूनिशन होते हैं, जो जमीन के भीतर गहराई तक जाकर विस्फोट करते हैं और मजबूत बंकर या अंडरग्राउंड ठिकानों को भी तबाह कर सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का वीडियो चर्चा में
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें रात के समय कई बड़े धमाके और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। हालांकि उन्होंने वीडियो की पुष्टि नहीं की, लेकिन माना जा रहा है कि यह इसी हमले से जुड़ा हो सकता है।
इस्फ़हान का सामरिक महत्व
इस्फ़हान लगभग 23 लाख की आबादी वाला ईरान का प्रमुख शहर है। यहां स्थित सैन्य ठिकाने और एयरबेस इसे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाते हैं। ऐसे में यहां हुआ हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
लगातार धमाकों से बढ़ी चिंता
हमले के बाद इलाके में कई छोटे-बड़े विस्फोटों की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग के बड़े गोले और तेज धमाकों ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। हालात को काबू में करने के लिए पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब और तुर्किए जैसे देशों ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं और शांति वार्ता पर जोर दिया जा रहा है।



