मुंबई: भारतीय टेलीविजन और सिनेमा जगत के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर निर्माता-निर्देशक और पौराणिक धारावाहिक ‘रामायण’ से जुड़ी विरासत को आगे बढ़ाने वाले आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से पार्किंसन रोग से जूझ रहे थे। उनके परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की है।
लंबे समय से थे बीमार
आनंद सागर की पत्नी निशा सागर चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने गुरुवार पूर्वाह्न 10:37 बजे अंतिम सांस ली। परिवार के सभी सदस्य उस समय उनके साथ मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, वे पिछले करीब 25 वर्षों से पार्किंसन बीमारी से पीड़ित थे। बीते दो वर्षों में उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई थी और हाल के महीनों में संक्रमण के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। आखिरकार बीमारी के बढ़ते प्रभाव और शारीरिक जटिलताओं के चलते उनका निधन हो गया।
‘रामायण’ की विरासत को आगे बढ़ाया
आनंद सागर, दिग्गज फिल्मकार रामानंद सागर के पुत्र थे। उन्होंने अपने पिता की ऐतिहासिक कृति रामायण की विरासत को आगे बढ़ाया। उन्होंने इस लोकप्रिय धारावाहिक के नए संस्करण का निर्देशन भी किया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
इसके अलावा उन्होंने ‘शिर्डी के साईंबाबा’ जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का भी निर्देशन किया और टेलीविजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।
फिल्म निर्माण और लोकप्रिय गीतों से जुड़ाव
आनंद सागर ने हिंदी सिनेमा में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने ‘हमराही’, ‘राम भरोसे’ और अरमान जैसी फिल्मों का निर्माण किया। फिल्म ‘प्यारा दुश्मन’ के चर्चित गीत ‘हरि ओम हरि’ और ‘अरमान’ के लोकप्रिय डिस्को ट्रैक ‘रंबा हो सांबा हो’ के निर्देशन से भी उनका नाम जुड़ा रहा। इन गीतों ने अपने दौर में खास लोकप्रियता हासिल की थी।
अरुण गोविल ने जताया शोक
‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए आनंद सागर को अपना “प्रिय मित्र” बताया। उन्होंने कहा कि आनंद सागर न केवल एक संवेदनशील इंसान थे, बल्कि एक कुशल निर्देशक भी थे, जिन्होंने भारतीय टेलीविजन और सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके साथ काम करना जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा।
अंतिम संस्कार और परिवार
आनंद सागर का अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया गया। परिवार की ओर से सोमवार को एक प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं।
आनंद सागर चोपड़ा के निधन से भारतीय मनोरंजन जगत ने एक शांत, रचनात्मक और समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है। उनकी कृतियां और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

