मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और केंद्र सरकार के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी ने बुधवार को कहा कि राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से “बेहद डरते हैं”।
दरअसल, हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के एक कार्यक्रम में बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों—जैसे सलमान खान, रणबीर कपूर और करण जौहर—के साथ कुछ सेवारत आईएएस अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर राज ठाकरे ने सवाल उठाए थे। ठाकरे का दावा था कि ये सभी लोग मोदी सरकार के दबाव के चलते कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कोश्यारी ने नासिक में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई डर की वजह से उस कार्यक्रम में गया हो। उन्होंने सीधे तौर पर राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि असल में मोदी से डरने वाले खुद राज ठाकरे हैं।
कोश्यारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सभी नागरिकों को समान दृष्टि से देखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे भगवान राम सभी के लिए समान थे। उन्होंने राज ठाकरे को “छोटे भाई” की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें डरने के बजाय प्रधानमंत्री के करीब जाना चाहिए और गलत कार्यों से भयभीत होना चाहिए। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती का सम्मान बनाए रखने की बात कही।
गौरतलब है कि मुंबई में हुए उसी कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने भाषा विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “स्थानीय स्तर की बीमारी” को फैलने से रोका जाना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने कहा था कि अगर अपनी भाषा और राज्य से प्रेम करना बीमारी है, तो देश के अधिकांश राज्य इस बीमारी से ग्रस्त हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे अन्य राज्यों को इस मुद्दे पर उपदेश नहीं देते।
राजनीतिक हलकों में इन बयानों को आगामी चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां भाषा, पहचान और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे एक बार फिर केंद्र में आते दिख रहे हैं।



