नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल को परिसीमन (Delimitation) से जोड़ना दरअसल देश के चुनावी नक्शे को बदलने की साजिश है।
क्या कहा राहुल गांधी ने?
राहुल गांधी ने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल ही असली कानून था, लेकिन अब सरकार इसे परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक सीमाओं को फिर से तय करने की कोशिश कर रही है। “यह महिला सशक्तिकरण का बिल नहीं है, बल्कि भारत के चुनावी नक्शे को बदलने का प्रयास है।”
दक्षिण और छोटे राज्यों पर असर की आशंका
कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि अगर इस तरह का कदम उठाया गया तो इसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों पर पड़ेगा।
उनके अनुसार:
• इन राज्यों की लोकसभा में प्रतिनिधित्व घट सकता है
• राजनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है
• केंद्र में सत्ता बनाए रखने के लिए यह रणनीति अपनाई जा रही है
• उन्होंने इसे “एंटी-नेशनल एक्ट” तक करार दिया।
भाजपा पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह पहले भी असम और जम्मू-कश्मीर में इसी तरह के बदलाव कर चुकी है और अब इसे पूरे देश में लागू करना चाहती है।
जाति जनगणना को लेकर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि सरकार जाति जनगणना को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है, जिससे पिछड़े वर्गों (OBC), दलितों और महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व न मिल सके।
“यह OBC समाज से राजनीतिक शक्ति छीनने की कोशिश है।”
अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने Amit Shah के बयान पर भी सवाल उठाए और कहा कि सिर्फ जाति जनगणना शुरू करना काफी नहीं है, बल्कि उसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तय करने में होना चाहिए।
संसद में हंगामा
राहुल गांधी के इस बयान के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनके आरोपों का विरोध किया, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई।



