सुलतानपुर: लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में सुलतानपुर की MP-MLA अदालत में अहम सुनवाई पूरी हो चुकी है। अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 311 से जुड़े आवेदन पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 2 मई को होगी, जब अदालत अपना आदेश सुनाएगी।
क्या है पूरा मामला?
इस केस की शुरुआत अक्टूबर 2018 में भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। राहुल गांधी पर मानहानि का आरोप लगाया गया था, जिसके चलते मामला अदालत में विचाराधीन है।
हालिया सुनवाई में क्या हुआ?
राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला के अनुसार, वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने CrPC की धारा 311 के तहत एक आवेदन दाखिल किया था। इस पर दोनों पक्षों ने विस्तार से बहस की। अदालत ने सभी तर्क सुनने के बाद अपना निर्णय 2 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
आवाज के सैंपल को लेकर विवाद
इससे पहले 28 मार्च की सुनवाई में वादी पक्ष ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने और उसकी फोरेंसिक जांच कराने की मांग की थी। यह आवेदन CrPC की धारा 311 और 91 के तहत दाखिल किया गया था, जिसमें अदालत से अनुरोध किया गया कि आवाज के नमूने का मिलान पहले से जमा सीडी से फॉरेंसिक लैब में कराया जाए।
हालांकि, राहुल गांधी के वकीलों ने इस मांग का कड़ा विरोध किया था।
राहुल गांधी की कोर्ट में पेशी और बयान
• 20 फरवरी 2024: राहुल गांधी ने अदालत में सरेंडर किया, जहां उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिली।
• 26 जुलाई 2024: उन्होंने अदालत में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया।
अदालत ने इसके बाद वादी पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया, जिसके तहत गवाह पेश किए जाते रहे हैं।
इसके अलावा, राहुल गांधी ने CrPC की धारा 313 के तहत भी अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उनसे आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, उनकी ओर से कोई अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।



