नई दिल्ली: अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के बीच उत्तर कोरिया ने शनिवार को लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र की ओर दाग दीं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।
क्या है पूरा मामला
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपनी राजधानी प्योंगयांग के पास से लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें पूर्वी समुद्र की दिशा में लॉन्च कीं। इन मिसाइलों की सटीक दूरी या क्षमता के बारे में तुरंत जानकारी सामने नहीं आई है।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ये मिसाइलें उसके एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरीं। हालांकि इस घटना के बाद जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास के बीच लॉन्च
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपनी वार्षिक स्प्रिंग मिलिट्री एक्सरसाइज कर रहे हैं। इस अभ्यास में हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं और इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा खतरों के खिलाफ तैयारी को मजबूत करना बताया गया है। सियोल और वॉशिंगटन ने कहा है कि ये अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक (Defensive) हैं और किसी भी देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए नहीं किए जा रहे।
उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया
न्यूक्लियर हथियारों से लैस उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग का कहना है कि ये अभ्यास दरअसल उसके खिलाफ संभावित हमले की तैयारी हैं। इसी कारण हर साल इन सैन्य अभ्यासों के दौरान उत्तर कोरिया अक्सर मिसाइल परीक्षण करता रहा है।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
इसी बीच, गुरुवार को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वॉशिंगटन में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर कोरिया के साथ 2019 से बंद पड़े संवाद को फिर से शुरू करने के तरीकों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया की ओर से एक राजनीतिक और सैन्य संदेश हो सकता है, जो अमेरिका और दक्षिण कोरिया को अपनी शक्ति दिखाने के लिए किया गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
हाल के महीनों में कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में उत्तर कोरिया के इस कदम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि वह अमेरिका और जापान के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

