नई दिल्ली : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में सड़क निर्माण परियोजनाओं में नगर निकायों के ठोस कचरे के अधिक उपयोग पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इससे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मंगलवार को एशियन एजुकेशन ग्रुप (AEG) के 14वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जमा पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर सड़क निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में गाजीपुर लैंडफिल सहित चार बड़े कचरे के पहाड़ मौजूद हैं। सरकार ने इन जगहों पर जमा करीब 80 लाख टन कचरे को अलग-अलग करने और उसे सड़क निर्माण में उपयोग करने की योजना शुरू की है।गडकरी के अनुसार, केंद्र सरकार पहले ही कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस पहल को लागू कर चुकी है। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं में नगर निकायों के कचरे का उपयोग किया गया है।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में नगर निगम के कचरे का इस्तेमाल करने से बजरी (एग्रीगेट) जैसे प्राकृतिक संसाधनों की आवश्यकता कम होगी, जिससे पर्यावरण पर दबाव घटेगा और निर्माण लागत में भी कमी आ सकती है।केंद्रीय मंत्री ने इस पहल को सतत विकास (Sustainable Development) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आने वाले समय में सड़क निर्माण परियोजनाओं में कचरे के उपयोग को और बढ़ावा दिया जाएगा।



