काठमांडू: नेपाल के संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। निर्वाचन आयोग द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (PR) के तहत सीटों के अंतिम आवंटन के बाद यह पुष्टि हुई कि आरएसपी को कुल 182 सीटें मिली हैं, जिससे पार्टी अब नई सरकार बनाने की मजबूत स्थिति में है।
आरएसपी को कैसे मिला बहुमत
नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में सरकार बनाने के लिए कम से कम 138 सीटों की जरूरत होती है। आरएसपी ने इस आंकड़े को आसानी से पार करते हुए कुल 182 सीटों पर जीत दर्ज की।
सीटों का ब्योरा इस प्रकार है:
प्रत्यक्ष मतदान (FPTP) के जरिए: 125 सीटें
आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (PR) के तहत: 57 सीटें
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार, PR प्रणाली में भी आरएसपी को सबसे अधिक सीटें मिलीं, जिससे पार्टी का कुल आंकड़ा 182 तक पहुंच गया।
बालेन शाह बन सकते हैं प्रधानमंत्री
आरएसपी ने पहले ही काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। 35 वर्षीय बालेन शाह रैपर से राजनेता बने हैं और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है।
अगर वे प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे:
* नेपाल के सबसे युवा निर्वाचित प्रधानमंत्री होंगे
* मधेसी समुदाय से आने वाले पहले प्रधानमंत्री बनेंगे
संविधान के तहत सरकार बनाने का रास्ता साफ
नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत जिस पार्टी को संसद में स्पष्ट बहुमत मिलता है, वह सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। आरएसपी के पास 182 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत होने के कारण नई सरकार बनाने का रास्ता लगभग तय माना जा रहा है।
नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव
विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने नेपाल की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव लाया है। आरएसपी की जीत को युवा नेतृत्व और नई राजनीतिक सोच के प्रति जनता के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि बालेन शाह कब औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हैं और नई सरकार किन प्राथमिकताओं के साथ काम शुरू करती है।



